दुनिया के सबसे बड़े रेल पुल पर जोधपुर में तकनीकी संवाद, IIT दिल्ली के प्रो. डॉ. के. एस. राव ने साझा किए अनुभव

जोधपुर : उत्तर पश्चिम रेलवे, जोधपुर रेल मंडल के सभागार कक्ष में शुक्रवार को एक विशेष तकनीकी व्याख्यान और संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भू-तकनीकी विशेषज्ञ एवं IIT दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. के. एस. राव ने “चिनाब एवं अंजीखाड़ रेलवे पुल निर्माण : तकनीकी एवं सामाजिक चुनौतियाँ” विषय पर विस्तार से अपने विचार रखे।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि हमारे बीच दुनिया के सबसे बड़े रेल पुल चिनाब ब्रिज परियोजना के मुख्य भू-तकनीकी अन्वेषक प्रो. राव मौजूद हैं। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिष्ठित योजनाओं में शामिल है और इसमें प्रो. राव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

अपने व्याख्यान में प्रो. राव ने बताया कि चिनाब और अंजीखाड़ जैसे पुलों के निर्माण में भूगोल, तकनीक और सामाजिक पहलुओं से जुड़ी कई कठिनाइयाँ सामने आईं। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएँ सिर्फ इंजीनियरिंग के लिहाज से ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास, कनेक्टिविटी और सामाजिक सशक्तिकरण में भी मील का पत्थर साबित होंगी।

संवाद के दौरान मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों व इंजीनियरों ने अपनी तकनीकी जिज्ञासाएँ साझा कीं। प्रो. राव ने व्यावहारिक समाधानों के साथ उनके प्रश्नों का उत्तर दिया। डीआरएम त्रिपाठी ने कहा कि यह कार्यक्रम जोधपुर मंडल के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी रहा।



