जवड़िया विद्यालय में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान की शुरुआत, छात्रों ने लिया कुरीतियों के खिलाफ शपथ

पाली : महिला सशक्तिकरण विभाग पाली के निर्देशानुसार राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जवड़िया में शुक्रवार को जेंडर संवेदीकरण एवं ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के तहत 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को महिला हिंसा, उसके दुष्परिणामों और बाल विवाह जैसी कुरीतियों से होने वाले खतरों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यशाला में जिला हब – एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन की जेंडर स्पेशलिस्ट राजश्री ने महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा के प्रकार, कारण और उसके मनोवैज्ञानिक व सामाजिक प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिला हिंसा केवल व्यक्तिगत हानि नहीं, बल्कि समाज की प्रगति में बड़ी बाधा है।

राजश्री ने बच्चों को बताया कि बाल विवाह से लड़कियों की शिक्षा रुक जाती है, स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं और घरेलू हिंसा व बाल मृत्यु दर में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की सूचना तुरंत चाइल्डलाइन 1098 और महिला हेल्पलाइन 181 पर दें। साथ ही, स्थानीय पंचायत या नगरपालिका को भी तत्काल जानकारी देना आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी 37 छात्र-छात्राओं को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अपने आसपास बाल विवाह, बाल शोषण और लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ आवाज उठाएंगे।
उपप्राचार्य विवेक चितारा सहित अध्यापक रमेश कुमार, श्रवण कुमार, पवन कावर, उषा बांगड़ और गायत्री संगतानी ने कार्यशाला को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।
यह कार्यशाला जिले में चल रहे 100 दिवसीय विशेष अभियान की पहली कड़ी रही, जो आने वाले दिनों में महिला सशक्तिकरण और बाल अधिकारों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।



