पाली में मनरेगा कार्यों को लेकर मांग तेज, तालाब खुदाई की जगह ग्रेवल सड़क निर्माण पर जोर, CM को भेजा ज्ञापन

पाली : राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष मदन सिंह जागरवाल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र भेजकर मनरेगा कार्यों में बदलाव की मांग उठाई है। उन्होंने जिले में लगातार हो रही तालाब खुदाई के बजाय गांवों और ढाणियों में ग्रेवल सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता देने की मांग की है।
जागरवाल ने पत्र में बताया कि मनरेगा के तहत लगातार तालाबों की खुदाई से कई क्षेत्रों में उपजाऊ काली मिट्टी समाप्त हो रही है और नीचे की खारी परत ऊपर आने से जल स्रोतों का पानी खारा होता जा रहा है। विशेष रूप से रोहट क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को पीने योग्य पानी नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि बार-बार गहरी खुदाई से जमीन के नीचे मौजूद लवणीय तत्व सतह पर आ रहे हैं, जिससे तालाब भी खारे हो चुके हैं। ऐसे में मनरेगा के तहत केवल तालाब खुदाई पर जोर देने के बजाय स्थायी और जनहितकारी कार्यों जैसे ग्रेवल सड़क निर्माण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

जागरवाल ने बताया कि गांवों और ढाणियों में ग्रेवल सड़क बनने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, खासकर बारिश के समय कीचड़ और खराब रास्तों की समस्या से राहत मिलेगी। साथ ही कई ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों को मजदूरी के लिए पलायन करना पड़ रहा है।
उन्होंने मांग की कि सभी गांव-ढाणियों में मनरेगा कार्य तत्काल शुरू किए जाएं, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो सके। इसके अलावा भीषण गर्मी को देखते हुए मनरेगा कार्य का समय सुबह 7 बजे से 11 बजे तक निर्धारित करने तथा श्रमिकों के लिए पानी और दवाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
जागरवाल ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से अपील की है कि क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मनरेगा कार्यों की प्राथमिकता तय कर ग्रामीण विकास को गति दी जाए।



