अधिक मास परिक्रमा के बीच दर्दनाक हादसा, आवारा सांड के हमले में बुजुर्ग महिला गंभीर घायल

पाली। शहर में चल रही अधिक मास परिक्रमा के दौरान मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया। राजेंद्र नगर विस्तार क्षेत्र में परिक्रमा देखने आई एक बुजुर्ग महिला पर अचानक एक आवारा सांड ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
जानकारी के अनुसार घायल महिला की पहचान रत्ना देवी पत्नी रामलाल के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिला परिक्रमा मार्ग के पास खड़ी होकर धार्मिक यात्रा का अवलोकन कर रही थीं, तभी अचानक एक आवारा सांड ने उन पर हमला कर दिया। सांड ने महिला को सींग मारकर हवा में उछाल दिया, जिससे वह सड़क पर गिर गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं।
हादसे में महिला के पेट में गहरी चोट आई है, जिसके चलते चिकित्सकों को सात टांके लगाने पड़े। वहीं उनके बाएं पैर में फ्रैक्चर होने की भी पुष्टि हुई है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत महिला को संभाला।
स्थानीय नागरिकों की मदद से घायल महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार महिला की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
इस घटना के बाद क्षेत्रवासियों में रोष देखने को मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आवारा पशुओं, विशेषकर सांडों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कई बार शिकायतों और मांगों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
नागरिकों ने बताया कि धार्मिक आयोजनों, बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में आवारा पशुओं की मौजूदगी आमजन के लिए खतरा बनती जा रही है। इससे पहले भी शहर में कई लोग आवारा सांडों के हमलों का शिकार हो चुके हैं।
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन एवं नगर निगम से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर नहीं भेजा गया तो भविष्य में और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं।
अधिक मास परिक्रमा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं को और मजबूत करने तथा आवारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने की भी मांग उठाई गई है।
यह घटना एक बार फिर शहर में आवारा पशुओं की समस्या और उससे जुड़े सुरक्षा सवालों को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी पर चर्चा का विषय बन गई है।



