पाली पुलिस की बड़ी सफलता, 24 से ज्यादा चोरी-नकबजनी की वारदातों का खुलासा, दो शातिर बदमाश गिरफ्तार

पाली। जिले में लगातार हो रही चोरी और नकबजनी की वारदातों के बीच पाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुड़ा एंदला थाना पुलिस ने दो शातिर नकबजनों को गिरफ्तार कर 24 से अधिक चोरी और नकबजनी की वारदातों का खुलासा किया है। आरोपियों से चोरी का माल भी बरामद किया गया है। दोनों आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ की जाएगी।
पाली ग्रामीण वृत्ताधिकारी (सीओ) अमरसिंह रत्नू ने बताया कि 9 जून को गुड़ा एंदला थाना प्रभारी दर्शनसिंह अपनी टीम के साथ क्षेत्र में नाकाबंदी कर रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवकों को रोककर पूछताछ की गई। शुरुआत में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने चोरी और नकबजनी की कई वारदातों में शामिल होने की बात कबूल कर ली।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे दिन के समय विभिन्न गांवों और कस्बों में घूमकर सूने मकानों की पहचान करते थे। रात होने पर उन्हीं मकानों को निशाना बनाकर नकबजनी की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपी खासतौर पर ऐसे घरों को चुनते थे जहां परिवार बाहर गया हो या मकान लंबे समय से बंद पड़ा हो।
पुलिस के अनुसार दोनों बदमाश संगठित तरीके से वारदात करते थे और चोरी के बाद माल को ठिकाने लगाने के लिए अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल करते थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देसूरी निवासी 40 वर्षीय कपूराराम पुत्र नेनाराम और 36 वर्षीय फारूक मोहम्मद पुत्र सिराजुद्दीन के रूप में हुई है। थाना प्रभारी दर्शनसिंह ने बताया कि कपूराराम देसूरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पहले से 24 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं फारूक मोहम्मद के खिलाफ भी पांच मामले दर्ज बताए गए हैं। दोनों आरोपी लंबे समय से चोरी और नकबजनी की घटनाओं में सक्रिय थे तथा पुलिस को उनकी तलाश थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी गुड़ा एंदला, सदर, रोहट, रानी और तखतगढ़ थाना क्षेत्रों में वारदातों को अंजाम देते थे। ग्रामीण इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की कमी का फायदा उठाकर वे अक्सर गांवों और बाहरी क्षेत्रों में स्थित मकानों को निशाना बनाते थे।
पुलिस का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और चोरी की वारदातों का खुलासा हो सकता है तथा चोरी के अन्य माल की बरामदगी भी संभव है।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस अब रिमांड अवधि के दौरान उनसे अन्य सहयोगियों, चोरी के माल की खरीद-फरोख्त और जिले में हुई अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ करेगी।
पाली पुलिस की इस कार्रवाई को हाल के दिनों में चोरी और नकबजनी के मामलों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।



