पाली जिला जेल का औचक निरीक्षण, बंदियों से सीधे संवाद कर जानी व्यवस्थाओं की हकीकत, विधिक सहायता पर दिया विशेष जोर

पाली : जिला कारागृह पाली में मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी ने औचक निरीक्षण कर जेल व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार हुए इस निरीक्षण के दौरान जिला कारागृह में कुल 87 बंदी निरुद्ध पाए गए। सचिव भाटी ने कारागृह परिसर का निरीक्षण करते हुए भोजन व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सीय सुविधाओं, स्वच्छता और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं की स्थिति की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं है। साथ ही ऐसे बंदियों की जानकारी भी ली गई जो आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण निजी अधिवक्ता नियुक्त करने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने बंदियों को बताया कि जरूरतमंद व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक अभाव के कारण न्याय से वंचित न रहे।
सचिव भाटी ने उन मामलों की भी समीक्षा की जिनमें बंदियों की जमानत स्वीकृत हो चुकी हो, लेकिन किसी कारणवश वे अभी तक जेल में निरुद्ध हों। उन्होंने बंदियों को उनके मामलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान नवागंतुक बंदियों से भी विशेष रूप से बातचीत की गई। सचिव भाटी ने घटना अथवा आरोपित अपराध के समय उनकी आयु और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी प्राप्त की, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें उचित कानूनी सहायता प्रदान की जा सके।
मानसून को देखते हुए सचिव भाटी ने जेल प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कारापाल को नालियों और सीवरेज लाइनों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा जलभराव की संभावनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
जेल डिस्पेंसरी के चिकित्सक डॉ. एम.एल. सालोदिया ने बताया कि सभी बंदियों की नियमित ओपीडी के दौरान स्वास्थ्य जांच की जाती है। किसी भी गंभीर या आपात स्थिति में बंदियों को तत्काल राजकीय बांगड़ चिकित्सालय पाली रेफर किया जाता है, ताकि उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
निरीक्षण के दौरान कारापाल जोराराम, जेल चिकित्सक डॉ. एम.एल. सालोदिया तथा जेल विजिटिंग लॉयर अल्ताफ हुसैन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का यह निरीक्षण न केवल जेल व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण रहा, बल्कि बंदियों के कानूनी अधिकारों की सुरक्षा और न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



