पाली में अवैध रंगाई-धुलाई यूनिट पर बड़ी कार्रवाई, तीन मंजिला मकान में चल रहा था कारोबार, कमरा सील, सामग्री जब्त

पाली : बांडी नदी और शहर के पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला प्रशासन और नगर निगम ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार गठित बांडी इकोसिस्टम टास्क फोर्स (BEST) की निगरानी में सोमवार को हैदर कॉलोनी क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित कपड़ा रंगाई-धुलाई इकाई का भंडाफोड़ किया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में रंगाई कार्य में प्रयुक्त सामग्री जब्त कर संबंधित परिसर को सील कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार नगर निगम पाली की टीम नियमित निरीक्षण के दौरान हैदर कॉलोनी पहुंची, जहां एक सीवर मैनहोल में रंगीन पानी बहता हुआ दिखाई दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने सीवर लाइन के प्रवाह की दिशा में जांच शुरू की। एलएंडटी टीम के सहयोग से एक-एक मैनहोल की जांच की गई, जिसके बाद रंगीन पानी के स्रोत का पता लगाया गया।
जांच में सामने आया कि हैदर कॉलोनी निवासी अबरार पुत्र रमजान के मकान से रंगीन रसायनयुक्त पानी सीधे सीवर लाइन में छोड़ा जा रहा था। संदेह के आधार पर जब मकान की तलाशी ली गई तो वहां अवैध रूप से कपड़ा रंगाई और धुलाई का कार्य संचालित होता पाया गया।

नगर निगम की कार्रवाई की भनक लगते ही मकान में मौजूद लोगों ने तीन मंजिला भवन की छत से रंगे हुए कपड़े पड़ोसी मकान में फेंकने का प्रयास किया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। हालांकि नगर निगम की टीम, कोतवाली पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों की सतर्कता के चलते पूरी सामग्री बरामद कर ली गई।
मौके से कपड़ा रंगाई में उपयोग होने वाली भट्टी, ड्रम, बड़े भगोने, रंग-रसायन और बड़ी मात्रा में रंगे हुए कपड़े जब्त किए गए। इसके बाद संबंधित कमरे को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज ने बताया कि मामले में संबंधित मकान मालिक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सक्षम न्यायालय में इस्तेगासा प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर के निर्देशों और न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए BEST टीम लगातार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निगरानी कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आवासीय क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध कपड़ा रंगाई-धुलाई गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

नगर निगम के अनुसार प्रदूषण फैलाने वाली अवैध इकाइयों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 12 इस्तेगासे न्यायालय में पेश किए जा चुके हैं। इसके अलावा 5 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं तथा 9 परिसरों को सील किया जा चुका है।
प्रशासन का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि बांडी नदी और भूजल स्रोतों को भी प्रदूषित करती हैं। इसलिए ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज ने शहरवासियों से अपील की है कि यदि किसी आवासीय क्षेत्र में कपड़ा रंगाई-धुलाई या अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियां संचालित होती दिखाई दें तो उसकी सूचना तुरंत नगर निगम को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
कार्रवाई के दौरान नगर निगम, कोतवाली पुलिस, परिवहन विभाग और एलएंडटी की संयुक्त टीम मौजूद रही। प्रशासन का कहना है कि शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने और बांडी नदी के संरक्षण के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।



