महज 21 साल की आचार्या काजल कुमारी ने बढ़ाया मान, राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में हुई सम्मानित

पाली। गाजियाबाद में आयोजित 22वें राष्ट्रीय ज्योतिष एवं वास्तु सम्मेलन में युवा ज्योतिषाचार्या आचार्या काजल कुमारी को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। देशभर से पहुंचे ज्योतिष एवं वास्तु विशेषज्ञों की मौजूदगी में आयोजित इस भव्य सम्मेलन में आचार्या काजल कुमारी सबसे कम उम्र की प्रतिभागी होने के साथ-साथ विशेष आकर्षण का केंद्र भी रहीं।
सम्मेलन में प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित शिव कुमार शर्मा, डॉ. सतीश भारद्वाज एवं जैन ने आचार्या काजल कुमारी को सम्मान पत्र, स्मृति चिन्ह, ‘वास्तु दर्शन’ पुस्तक, कॉपी, कलम एवं दुपट्टा भेंट कर सम्मानित किया।
विशेष बात यह रही कि मात्र 21 वर्ष की आयु में आचार्या काजल कुमारी ने ज्योतिष जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्तमान में वे पटना के शीर्ष 10 ज्योतिषियों में तीसरे स्थान पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त करने पर उन्हें व्यापक सराहना मिल रही है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद अपने विचार व्यक्त करते हुए आचार्या काजल कुमारी ने कहा कि यह सम्मेलन उनके जीवन का अविस्मरणीय और आध्यात्मिक अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए परम सौभाग्य का विषय है और वे इसका श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद तथा त्रिदेवियों की असीम कृपा को देती हैं।
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ज्योतिष एवं वास्तु के क्षेत्र में ज्ञान, शोध, अनुभव और आध्यात्मिक चिंतन का अद्भुत संगम था। देशभर से आए विद्वानों और ज्योतिषाचार्यों के साथ विचारों के आदान-प्रदान का अवसर अत्यंत प्रेरणादायक रहा। ऐसे आयोजन भारतीय ज्ञान परंपरा को सशक्त बनाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भी ज्योतिष और वास्तु के गहन अध्ययन के लिए प्रेरित करते हैं।
आचार्या काजल कुमारी को सम्मानित किए जाने पर योगेश कुमार गर्ग, विकास भारद्वाज, भीमालिया, नारायणलाल गर्ग (राणावास), गजेंद्र गर्ग (बगड़ी) तथा महेंद्र कुमार (खारची) सहित अनेक शुभचिंतकों और समाजजनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से क्षेत्र में खुशी का माहौल है और इसे युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि माना जा रहा है।



