40 साल का इंतजार खत्म, घाणेराव में 62 परिवारों को मिला मालिकाना हक, ग्रामीण सेवा शिविर में बांटे गए पट्टे

पाली : राज्य सरकार के निर्देशानुसार आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत सोमवार को देसूरी पंचायत समिति के घाणेराव कस्बे में ग्राम पंचायत भवन स्थित अटल सेवा केंद्र पर आयोजित शिविर कई परिवारों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। करीब 40 वर्षों से मालिकाना हक का इंतजार कर रहे चामुंडा कॉलोनी के परिवारों को आखिरकार उनके आवासीय पट्टे मिल गए, जिससे लंबे समय से लंबित मांग पूरी हो सकी।
ग्रामीण सेवा शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि चामुंडा कॉलोनी के पात्र परिवारों को आवासीय पट्टों का वितरण रही। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप कुल 62 पट्टे वितरित किए गए, जिनमें 51 रियायती दर के पट्टे तथा 11 पुश्तैनी पट्टे शामिल हैं। वर्षों से अपने मकानों के वैध स्वामित्व की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों के लिए यह शिविर राहत और खुशी लेकर आया।
पट्टा प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने कहा कि दशकों बाद उन्हें अपने घर का कानूनी मालिकाना हक मिला है। उन्होंने इस पहल को आमजन के हित में महत्वपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
शिविर के दौरान केवल पट्टा वितरण ही नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित मामलों का भी मौके पर समाधान किया गया। ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि सरकार की “सबका साथ, सबका विकास” की सोच के अनुरूप उन्हें वर्षों से लंबित अधिकार मिला है, जिससे अब उनके परिवारों को कानूनी सुरक्षा और भविष्य के लिए स्थायित्व मिलेगा।
शिविर में तहसीलदार फतेह सिंह जशोल, अतिरिक्त विकास अधिकारी ललित व्यास, ग्राम विकास अधिकारी कालूराम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, साथिनों और आशा सहयोगिनियों ने भी ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने और शिविर को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से प्रशासन का उद्देश्य गांव-गांव जाकर लोगों की वर्षों पुरानी समस्याओं का मौके पर समाधान करना और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक सीधे पहुंचाना है। घाणेराव में 62 परिवारों को मालिकाना हक मिलने की यह पहल ग्रामीण सेवा शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है।



