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मिशन मानस को नई गति, पाली में 1,446 शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण शुरू, अब स्कूलों में होगी नेत्र जांच और CPR की जानकारी

पाली : जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की अभिनव पहल ‘मिशन मानस’ के तहत जिलेभर के शिक्षकों को सामाजिक और स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों से जोड़ने के उद्देश्य से शुक्रवार को दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। पाली के नया गांव स्थित एम.एस. कावड़ इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के नौ ब्लॉकों के 1,446 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे विद्यालयों के साथ-साथ समाज में भी जागरूकता के प्रभावी वाहक बन सकें।

प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन दो चरणों में कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रथम सत्र में पाली, सोजत और रोहट ब्लॉक के 463 तथा दूसरे सत्र में देसूरी, रानी और मारवाड़ जंक्शन ब्लॉक के 486 शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

शिविर का शुभारंभ उपखंड अधिकारी विमलेंद्र राणावत, पाली सेवा मंडल के अध्यक्ष मदनमोहन राठी, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) देवाराम प्रजापत, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) राहुल कुमार राजपुरोहित, एम.एस. कावड़ इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंध निदेशक सोहनलाल कावड़ एवं गौतमचंद कावड़ ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

उपखंड अधिकारी विमलेंद्र राणावत ने कहा कि जिला प्रशासन की ‘आओ गांव चलें’, ‘पाली पढ़ेगा, सपने बुनेगा’, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण जैसी जनहितकारी पहलों को सफल बनाने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यालय की सीमाओं से बाहर निकलकर समाज में भी जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार जांगिड़ ने प्रशिक्षण की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि यह कार्यक्रम शिक्षकों को सामाजिक दायित्वों के प्रति और अधिक सक्षम बनाएगा।

प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में पाली सेवा मंडल बहुउद्देशीय अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. सागर ढिल्लों एवं उनकी टीम ने शिक्षकों को विद्यार्थियों और ग्रामीणों की प्रारंभिक नेत्र जांच, दृष्टि दोष की पहचान तथा समय पर उपचार के लिए रेफर करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।

इसके बाद चिकित्सा विभाग के डॉ. बादल सिंह ने सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का लाइव प्रदर्शन कर हृदय गति रुकने जैसी आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार की तकनीक सिखाई।

प्रशिक्षण के दौरान पाली सेवा मंडल की ओर से प्रत्येक शिक्षक को प्रारंभिक नेत्र परीक्षण किट भी उपलब्ध कराई गई, ताकि वे अपने विद्यालयों में बच्चों की शुरुआती आंखों की जांच कर सकें और जरूरत पड़ने पर उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता दिला सकें।

कार्यक्रम में पाली सेवा मंडल के सचिव विजयराज बंब, प्रमोद जेथलिया, महेंद्र जैन, शिक्षा विभाग के सोहनलाल भाटी, पूर्व सहायक निदेशक चंद्रेशपाल सिंह सहित अनेक अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रामदयाल जांगिड़, गणपत पन्नू एवं श्रद्धा पांचाल ने किया।

जिला प्रशासन की यह पहल शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता को एक साथ जोड़ते हुए शिक्षकों को केवल ज्ञानदाता ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य एवं समाज सुधार के प्रभावी दूत के रूप में तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Rajasthan Today

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