google.com, pub-3021598506696014, DIRECT, f08c47fec0942fa0
Paliदेशब्रेकिंग न्यूज़राजस्थानराज्य

40 लाख के सालाना पैकेज को ठुकराकर संयम पथ पर चलेंगे पाली के इंजीनियर शुभम श्रीश्रीमाल, 4 सितंबर को होगी जैन भागवती दीक्षा

पाली : आधुनिक जीवन की चकाचौंध, उच्च वेतन और सुनहरे करियर को पीछे छोड़कर आत्मकल्याण और संयम के मार्ग पर चलने का एक प्रेरणादायी निर्णय पाली के युवा इंजीनियर शुभम श्रीश्रीमाल ने लिया है। बहुराष्ट्रीय कंपनी में करीब 40 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर कार्यरत शुभम अब सांसारिक जीवन का त्याग कर जैन भागवती दीक्षा ग्रहण करेंगे। उनकी दीक्षा 4 सितंबर 2026 को बीकानेर में संपन्न होगी।

यह घोषणा परम पूज्य आचार्य प्रवर 1008 रामलाल म.सा. एवं उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि म.सा. की पावन निश्रा में उस समय हुई, जब शुभम के परिजनों ने आचार्य श्री के श्रीचरणों में आज्ञा पत्र समर्पित किया। आचार्य श्री ने सहर्ष आज्ञा स्वीकार करते हुए दीक्षा की घोषणा की, जिसके बाद जैन समाज में हर्ष और श्रद्धा का वातावरण बन गया।

30 वर्षीय शुभम श्रीश्रीमाल पाली के अमरनाथ कॉलोनी, बापू नगर विस्तार निवासी प्रदीप श्रीश्रीमाल एवं श्रीमती पुष्पा श्रीश्रीमाल के सुपुत्र तथा स्वर्गीय ताराचंद श्रीश्रीमाल एवं श्रीमती चंचल देवी के पौत्र हैं।

18 सितंबर 1995 को ब्यावर में जन्मे शुभम ने प्रारंभिक शिक्षा पाली में प्राप्त की। इसके बाद कोटा और पटियाला से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बी.टेक. की पढ़ाई पूरी कर एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत हुए। आकर्षक वेतन, सुरक्षित भविष्य और आधुनिक जीवन की तमाम सुविधाएं होने के बावजूद उनका मन हमेशा धर्म, साधना और आत्मचिंतन की ओर आकर्षित रहा। अंततः उन्होंने वैराग्य का मार्ग चुनते हुए संयम जीवन अपनाने का निर्णय लिया।

इस गौरवपूर्ण अवसर पर पाली श्री साधुमार्गी जैन संघ की ओर से तिलक नगर स्थित समता भवन में शुभम श्रीश्रीमाल एवं उनके परिवार का अभिनंदन किया गया। समारोह में संघ के संरक्षक मोहनलाल तलेसरा, अध्यक्ष प्रेमचंद ढेढीया, मंत्री जीवराज खिंवसरा, अशोक श्रीश्रीमाल, शांतिलाल सिंघवी, पदमचंद लोढ़ा, ललित कूकड़ा, भगवान लोढ़ा, छोटूलाल छाजेड़, मुकेश श्रीश्रीमाल, सुनील श्रीश्रीमाल, ज्ञानचंद श्रीश्रीमाल सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि आज के दौर में जहां युवा बेहतर नौकरी और आर्थिक सफलता को जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य मानते हैं, वहीं शुभम श्रीश्रीमाल ने करोड़ों के समान आकर्षक करियर और भौतिक सुख-सुविधाओं का त्याग कर संयम जीवन को अपनाने का निर्णय लेकर समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।

उन्होंने कहा कि शुभम का यह वैराग्य केवल व्यक्तिगत आध्यात्मिक यात्रा नहीं, बल्कि युवाओं के लिए यह संदेश भी है कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मिक शांति, नैतिक मूल्यों और धर्म के मार्ग पर चलना भी हो सकता है।

4 सितंबर 2026 को बीकानेर में होने वाली जैन भागवती दीक्षा को लेकर पाली सहित पूरे जैन समाज में उत्साह का माहौल है। श्रद्धालु इसे समाज के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायी अवसर मान रहे हैं।

Rajasthan Today

Related Articles

Back to top button