पाली में जिला कलेक्टर का सख्त एक्शन, जर्जर भवनों की मरम्मत, डेंगू रोकथाम और आवारा पशुओं पर दिए कड़े निर्देश

पाली। मानसून के बीच जनसुविधाओं को बेहतर बनाने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सोमवार को जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए गए। बैठक में जर्जर सरकारी भवनों की मरम्मत, डेंगू-मलेरिया की रोकथाम, आवारा पशुओं पर नियंत्रण, स्कूलों में आधार नामांकन, सड़क सुरक्षा और बारिश से जुड़ी तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
वीसी रूम में आयोजित इस बैठक में जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। जिला कलेक्टर ने केंद्र एवं राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं, विभागीय योजनाओं और लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति के साथ-साथ जर्जर स्कूल भवनों, अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी कार्यालयों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। जिला कलेक्टर ने बारिश के दौरान छतों पर पानी जमा होने, भवनों में क्षति और सुरक्षा संबंधी जोखिमों को देखते हुए तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिला कलेक्टर ने मौसमी बीमारियों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी डेंगू या मलेरिया का कोई मरीज सामने आए, वहां आसपास 100 मीटर के दायरे में तत्काल फॉगिंग कराई जाए।
इसके अलावा अस्पताल, जेल, छात्रावास, स्कूल और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में हर 15 दिन में नियमित फॉगिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही आयुष्मान आरोग्य योजना, नि:शुल्क दवा एवं जांच योजना तथा दवाइयों के स्टॉक का नियमित सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया।

नेशनल हाईवे और प्रमुख सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर ने गौशालाओं को दिए गए कलर कोड सिस्टम का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बरसात के दौरान पशु सड़कों पर नहीं दिखने चाहिए और गौशालाओं से दोबारा सड़क पर छोड़े जाने वाले पशुओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
शिक्षा विभाग को आधार नामांकन से वंचित विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत नामांकन कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पीएम श्री स्कूलों और समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों का निरीक्षण कर पेयजल, शौचालय, बिजली, खेल सामग्री, अखबार और विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
वन विभाग की समीक्षा के दौरान जिला कलेक्टर ने ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत पौधारोपण, गड्ढा खुदाई, विभागवार लक्ष्य और मोबाइल एप पर डेटा अपलोड करने की प्रगति की समीक्षा की। सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।

सार्वजनिक निर्माण विभाग को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, सड़क किनारे झाड़ियों की कटाई और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं नगर निगम को बारिश के मौसम को देखते हुए नालों की सफाई, जलभराव रोकने, निराश्रित पशुओं को हटाने और उन्हें गौशालाओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। बैठक में मानसून के दौरान संभावित जलभराव और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. बजरंग सिंह, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) ओम प्रभा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी, नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े सभी कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक विभाग नियमित मॉनिटरिंग के साथ निर्धारित लक्ष्यों की समय पर पूर्ति सुनिश्चित करे।



