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सुमेरपुर के विद्यार्थियों ने जाना प्लास्टिक कचरे से उपयोगी उत्पाद बनाने का विज्ञान, रीसाइक्लिंग केंद्र का किया शैक्षणिक भ्रमण

सुमेरपुर : पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त भारत की दिशा में बच्चों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से डीजेड (DJED) फाउंडेशन के सहयोग से संचालित अभियान के तहत एच.सी. बाफना स्कूल, सुमेरपुर के छात्र-छात्राओं ने प्लास्टिक रीसाइक्लिंग केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) की पूरी प्रक्रिया को करीब से समझा।

भ्रमण के दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि घरों और सार्वजनिक स्थानों से एकत्रित होने वाले प्लास्टिक कचरे की पहले छंटाई की जाती है, फिर वैज्ञानिक तकनीकों से उसका प्रसंस्करण कर उसे दोबारा उपयोगी उत्पादों में बदला जाता है। छात्रों ने देखा कि अनुपयोगी प्लास्टिक से बेंच, प्लास्टिक लकड़ी और अन्य टिकाऊ उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी पहल है।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों, कचरा पृथक्करण की आवश्यकता तथा रीसाइक्लिंग के महत्व की विस्तार से जानकारी दी गई। छात्रों ने संकल्प लिया कि वे अपने घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्र में प्लास्टिक कचरे को अलग-अलग एकत्रित करेंगे तथा उसे रीसाइक्लिंग के लिए भेजने के प्रति लोगों को भी जागरूक करेंगे।

आयोजकों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना, प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा देना तथा समाज को प्लास्टिक मुक्त, स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि यदि नई पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान से जुड़ेगी, तो आने वाले समय में प्लास्टिक प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

Rajasthan Today

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