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नेत्रदान से देहदान तक… पाली ने फिर दिखाई त्याग की मिसाल, आई बैंक के अभियान में लोगों ने लिया मानव सेवा का संकल्प

पाली : मानव जीवन के बाद भी दूसरों के जीवन में रोशनी और उम्मीद कायम रखने की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान के पाली चैप्टर की ओर से हिन्दू सेवा मंडल सभागार में “नेत्रदान, अंगदान व देहदान प्रोत्साहन अभियान” कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नेत्रदान, अंगदान और देहदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ लोगों को मानव कल्याण के लिए आगे आने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ नेत्रहीन विकास उद्योग समिति के दृष्टिबाधित विद्यार्थियों द्वारा ईश वंदना एवं स्वागत गान की प्रस्तुति से हुआ। विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने समारोह में मौजूद अतिथियों और लोगों को भावुक कर दिया तथा कार्यक्रम के उद्देश्य से जोड़ा।

कार्यक्रम में आई बैंक सोसायटी के अध्यक्ष केवल चंद कवाड़ ने अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पाली की पहचान हमेशा से सेवा और त्याग की परंपरा के लिए रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए संस्था ने नेत्रदान के साथ-साथ देहदान के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है और राजस्थान में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

मुख्य अतिथि महाराणा प्रताप राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओ.पी. सुथार ने नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मृत्यु के बाद भी यदि किसी व्यक्ति के अंग किसी जरूरतमंद के जीवन में उपयोगी साबित हों तो इससे बड़ा मानव सेवा का उदाहरण नहीं हो सकता।

समारोह की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख ने कहा कि समाज में दान की भावना को और मजबूत करने की आवश्यकता है। नेत्रदान किसी व्यक्ति को नई रोशनी दे सकता है, वहीं देहदान चिकित्सा शिक्षा और शोध के लिए महत्वपूर्ण योगदान बन सकता है।

विशिष्ट अतिथियों पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एम.एस. लोढ़ा, नेत्र चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. विपुल नागर एवं पाली आई बैंक के संरक्षक डॉ. आर.के. गर्ग ने भी नेत्रदान, अंगदान और देहदान की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी।

वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में त्याग और परोपकार की परंपरा प्राचीन काल से रही है। महर्षि दधीचि के त्याग को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में नेत्रदान, अंगदान और देहदान उसी सेवा भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम बन सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नागरिक देवराज शर्मा, सरोज अग्रवाल, चन्द्रमोहन ओझा सहित अन्य लोगों ने नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के लिए संकल्प पत्र भरकर अपनी सहमति जताई। संकल्प लेने वाले लोगों को समारोह में अतिथियों द्वारा संकल्प पत्र एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर समारोह अध्यक्ष ज्ञानचंद पारख ने पाली चैप्टर की ओर से मेडिकल विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के लिए देहदान तथा जरूरतमंदों को जीवन में नई रोशनी देने के लिए नेत्रदान एवं अंगदान के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने संस्था के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को इस सेवा कार्य के लिए बधाई दी।

समारोह में संस्था के सचिव भंवरलाल सेमलानी सहित पदमचंद ललवाणी, हेमंत चौपड़ा, गौतमचंद चौपड़ा, रोशन नाहर एवं आशा मूंदड़ा ने अतिथियों का पुष्पहार से स्वागत किया।

कार्यक्रम में समाजसेवी मांगीलाल गांधी, डॉ. एल.एन. सोनी, डॉ. प्रतिभा गर्ग, छगनलाल सालेचा, लखपतराज सिंघवी सहित करीब 16 सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सचिव भंवरलाल सेमलानी ने सभी अतिथियों एवं सभासदों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन देवराज शर्मा एवं रोशन नाहर ने किया।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि नेत्रदान किसी की आंखों में रोशनी लौटा सकता है, अंगदान किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है और देहदान चिकित्सा विद्यार्थियों के अध्ययन एवं चिकित्सा विज्ञान के विकास में योगदान दे सकता है। लोगों ने इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने और समाज में दान की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।

Rajasthan Today

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