
पाली : पुलिस लाइन मैदान में आयोजित 16वीं राज्य स्तरीय जूनियर पुरुष हॉकी प्रतियोगिता अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच गई है। शनिवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। प्रतियोगिता में अलवर और जयपुर की टीमों ने दमदार खेल का प्रदर्शन कर खिताबी मुकाबले की ओर मजबूत कदम बढ़ाए।
पाली जिला हॉकी संघ के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मेजबान पाली की टीम का सामना अलवर से हुआ। मैच में अलवर की टीम ने शुरू से ही आक्रामक खेल दिखाते हुए पाली पर दबाव बनाए रखा। एकतरफा मुकाबले में अलवर ने पाली को 10-1 के बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। पाली की टीम घरेलू मैदान पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी और प्रतियोगिता से बाहर हो गई।
इसके बाद खेले गए पहले सेमीफाइनल में जयपुर और भीलवाड़ा की टीमें आमने-सामने हुईं। दोनों टीमों के बीच मुकाबला काफी संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन जयपुर के खिलाड़ियों ने बेहतर तालमेल और आक्रामक रणनीति के दम पर भीलवाड़ा को 3-1 से शिकस्त देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
हॉकी संघ अध्यक्ष महिपाल सिंह निंबाड़ा ने बताया कि शनिवार शाम को दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला हनुमानगढ़ और अलवर के बीच खेला जाना है। इस मैच की विजेता टीम रविवार सुबह जयपुर के साथ फाइनल मुकाबले में खिताब के लिए भिड़ेगी। खेल प्रेमियों को एक रोमांचक फाइनल की उम्मीद है।
प्रतियोगिता के दौरान समाजसेवी एवं भाजपा युवा नेता नरेश ओझा तथा ब्राह्मण युवा महासभा के प्रदेशाध्यक्ष कनिष्क शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। आयोजकों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए खेलों को युवाओं के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया।
हॉकी राजस्थान के अध्यक्ष अरुण कुमार सारस्वत ने प्रतियोगिता का अवलोकन करते हुए राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन हेतु विशेष चयन समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं प्रतिभाओं को निखारने और राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
प्रतियोगिता के सफल संचालन में पाली जिला हॉकी संघ के पदाधिकारियों, कोचों और स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मैदान पर खिलाड़ियों के जोश और दर्शकों के उत्साह ने प्रतियोगिता को यादगार बना दिया है।
अब सभी की निगाहें रविवार को होने वाले फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां राज्य की दो सर्वश्रेष्ठ टीमें जूनियर हॉकी चैंपियन बनने के लिए अपना दमखम दिखाएंगी।



