राजस्थान में ‘टीबी मुक्त भारत’ 100 दिवसीय अभियान का शुभारंभ, 1.75 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग का दावा

जयपुर : विश्व टीबी दिवस के अवसर पर जयपुर स्थित सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर “टीबी मुक्त भारत अभियान-100 दिवसीय” का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री खींवसर ने कहा कि टीबी केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और मानसिक रूप से परिवारों को प्रभावित करने वाली गंभीर चुनौती है। उन्होंने बताया कि नरेन्द्र मोदी के “टीबी मुक्त भारत” संकल्प को साकार करने के लिए राजस्थान पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य ने वर्ष 2025 में 1 करोड़ 75 लाख से अधिक संभावित टीबी रोगियों की स्क्रीनिंग कर देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है। अब 100 दिवसीय अभियान के तहत उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य शिविर लगाकर अंतिम व्यक्ति तक जांच और उपचार पहुंचाया जाएगा।
इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा नोएडा से किए गए राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा गया। साथ ही टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट का वितरण किया गया।
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि राज्य ने डेटा और तकनीक आधारित रणनीति अपनाते हुए 11,184 उच्च जोखिम वाले ग्रामों और शहरी क्षेत्रों की पहचान की है, जहां विशेष शिविरों के माध्यम से टीबी उन्मूलन की गति तेज की जाएगी।
मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. अमित यादव ने बताया कि इन शिविरों में टीबी के साथ-साथ मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य गैर-संचारी रोगों की भी जांच की जाएगी, जिससे आमजन को समग्र स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि अभियान के तहत 14 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों की टीबी स्क्रीनिंग, एक्स-रे, ब्लड शुगर, बीपी, बीएमआई सहित विभिन्न जांचें की जाएंगी। जरूरत पड़ने पर NAAT जांच के जरिए टीबी की पुष्टि कर तुरंत निःशुल्क उपचार शुरू किया जाएगा।
राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम सोनी ने बताया कि अभियान में छात्रावास, जेल, वृद्धाश्रम, औद्योगिक क्षेत्रों सहित सामूहिक निवास स्थलों पर विशेष फोकस किया जाएगा। वहीं निक्षय मित्र योजना के माध्यम से मरीजों को पोषण और सामाजिक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।
राज्य नोडल अधिकारी डॉ. एसएन धौलपुरिया ने बताया कि वर्ष 2025 में 3,350 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था, जिसे 2026 में दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। यह 100 दिवसीय अभियान जनभागीदारी के जरिए जनआंदोलन का रूप लेकर राजस्थान को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



