जोधपुर रेलवे में सुरक्षा का हाईटेक कवच, 112 स्टेशनों पर ‘SPAU सिस्टम’ लागू, 3 मिनट में चूक हुई तो बजेगा अलार्म

जोधपुर : रेलवे स्टेशनों पर अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जा रही है। ट्रेनों की आवाजाही को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में बड़ा कदम उठाया गया है। मंडल के 112 स्टेशनों पर सेफ्टी अलार्म पॉइंट यूनिट (SPAU) सिस्टम लागू कर दिया गया है, जो शंटिंग और क्रॉसओवर के दौरान होने वाली मानवीय चूकों को तुरंत पकड़ लेगा।
यह अत्याधुनिक सिस्टम ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही स्वतः सक्रिय हो जाता है और 3 मिनट का काउंटडाउन शुरू करता है। इस दौरान यदि ट्रैक बदलने या अन्य आवश्यक प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होती है, तो सिस्टम तेज ऑडियो-विजुअल अलार्म बजाकर स्टाफ को तुरंत सतर्क कर देता है।
अपर मंडल रेल प्रबंधक करनीराम ने बताया कि जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंचती है, स्टेशन मास्टर के पैनल पर एलईडी लाइट जलती है और बजर बजने लगता है। यह संकेत होता है कि आगे की प्रक्रिया तत्काल पूरी करनी है। इसके बाद स्टेशन मास्टर को पावती बटन दबाकर स्थिति की पुष्टि करनी होती है।
अगर निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं होता, तो सिस्टम खुद अलार्म बजाकर संभावित खतरे से पहले ही आगाह कर देता है। इस तकनीक को रेलवे के इंटरलॉकिंग और सिग्नल सिस्टम से जोड़ा गया है, जिससे ट्रैक और सिग्नल दोनों पर एक साथ निगरानी संभव हो गई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, शंटिंग या क्रॉसओवर के दौरान छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में SPAU सिस्टम एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में काम करेगा।
मंडल के विभिन्न रेलखंडों—डेगाना-रतनगढ़, मेड़ता-फुलेरा, राईका बाग-जैसलमेर, जोधपुर-मेड़ता, मेड़ता-बीकानेर, जोधपुर-मारवाड़ जंक्शन, समदड़ी-भीलड़ी, समदड़ी-मुनाबाव और लूनी-समदड़ी—पर कुल 112 सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। रेलवे का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि ट्रेनों का संचालन भी अधिक सुरक्षित, सुचारु और भरोसेमंद बनेगा।



