पाली में पितृ दिवस पर भावुक हुए परिवार, भारतीय जैन संघठना के कार्यक्रम में माता-पिता का हुआ भव्य सम्मान
नवलखा आराधना भवन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नाटक और पितृ पूजन ने बांधा समां, अनुकरणीय पिताओं का हुआ सम्मान

पाली : भारतीय जैन संघठना द्वारा नवलखा आराधना भवन में आयोजित फाउंडेशन कार्यक्रम के अंतर्गत पितृ दिवस भावनाओं, संस्कारों और सम्मान का अनूठा संगम बन गया। कार्यक्रम में परिवारों ने अपने माता-पिता के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए भारतीय संस्कृति के पारिवारिक मूल्यों को सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान समाज के प्रेरणास्रोत एवं अनुकरणीय पिताओं को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। विशेष आकर्षण रहे ‘वात्सल्य सम्मान समारोह’ में माता-पिता दोनों का मंच पर अभिनंदन किया गया, जिसे देखकर उपस्थित लोग भावुक हो उठे।

संरचना अध्यक्ष अमरचंद बोहरा एवं उषा अखावत ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को पारिवारिक संस्कारों और माता-पिता के सम्मान के महत्व से जोड़ना है।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ एक भावनात्मक एवं संदेशप्रद नाटक का मंचन भी किया गया, जिसने दर्शकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया। इस दौरान दीक्षार्थी पिता-पुत्र प्रकाशचंद एवं विमलकुमार बांठिया का भी साफा, शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक सनी चौरड़िया, प्रीति संचेती एवं संगीता जिन्दाणी रहे। वहीं आयोजन को सफल बनाने में जितेन्द्र कोठारी, चेतन सेठिया, गरिमा चौपड़ा, भावना लालन, कविता कोटड़िया, शालु मेहता, सुरेन्द्र मरलेचा और अक्षय डागा का विशेष सहयोग रहा।

समारोह में संभागीय अध्यक्ष रमेश बरड़िया, गौतमचंद छाजेड़, आनंद गांधी, सज्जनराज गुलेच्छा, छगन सालेचा, पुनीत मूथा, महावीर मेहता सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की कमान संभालते हुए पाली के उभरते युवा कलाकार उदित बांठिया ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया और पितृ पूजन को यादगार बना दिया। कार्यक्रम के प्रायोजक कवाड़ परिवार (जैतपुर वाला हाल, पाली) रहा, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




