ग्रामीण सेवा शिविर में महिलाओं को मिला अधिकारों और सुरक्षा का ज्ञान, सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

पाली : मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के तहत सोमवार को पंचायत समिति पाली की ग्राम पंचायत लांबिया में महिला अधिकारिता विभाग की ओर से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं, किशोरियों और ग्रामीणों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों तथा राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना था।
शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं और ग्रामीणों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकार, स्वरोजगार और सरकारी सहायता योजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए महिलाओं से योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
सखी सेंटर की प्रबंधक देवी बामणियां ने बताया कि घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना या किसी भी प्रकार की हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं एवं बालिकाओं को सखी सेंटर पर निःशुल्क कानूनी, मनोवैज्ञानिक, परामर्श और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने महिलाओं से बिना किसी संकोच के आवश्यकता पड़ने पर सेंटर की सेवाओं का लाभ लेने की अपील की।

पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की प्रबंधक प्रियंका व्यास ने उपस्थित महिलाओं को लाडो प्रोत्साहन योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं काउंसलर उमा ने नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार, आर्थिक आत्मनिर्भरता और उद्यमिता से जुड़ने के अवसरों के बारे में बताया।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पाली के हेड पीएलवी मांगीलाल तंवर ने नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 और निःशुल्क विधिक सहायता की सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद व्यक्ति बिना किसी शुल्क के कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
जागरूकता शिविर में नायब तहसीलदार बाबूलाल चौहान, अतिरिक्त विकास अधिकारी मनोज भाटी, ग्राम विकास अधिकारी सतीश बामणियां, सरपंच मदन मेघवाल सहित राजस्व विभाग और विभिन्न सरकारी विभागों के लगभग 21 विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से महिला अधिकारिता विभाग का यह प्रयास महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक बनाकर उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



