राजस्थान सम्मान नागरिकता संहिता-2026 पर पाली में जनसुनवाई, आमजन के सुझावों से तैयार होगा अंतिम प्रारूप

पाली : राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तावित राजस्थान सम्मान नागरिकता संहिता-2026 को अधिक प्रभावी और जनहितैषी बनाने की दिशा में मंगलवार को पाली जिला मुख्यालय पर जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। डीओआईटीसी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में आम नागरिकों, विशेषज्ञों और अधिकारियों से संहिता के प्रारूप पर सुझाव एवं विचार आमंत्रित किए गए।
राज्य सरकार द्वारा गठित प्रारूप समिति के निर्देशानुसार आयोजित इस जनसुनवाई का उद्देश्य संहिता के मसौदे में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करना और उनके सुझावों के आधार पर इसे अधिक व्यावहारिक एवं जनोन्मुखी बनाना है।
जनसुनवाई के दौरान जिला स्तरीय सुनवाई पैनल ने नागरिकों द्वारा प्रस्तुत सुझावों और विचारों को गंभीरता से सुना। अधिकारियों ने बताया कि प्राप्त सभी सुझावों का संकलन कर उन्हें राज्य सरकार की प्रारूप समिति को भेजा जाएगा, ताकि अंतिम मसौदा तैयार करते समय उन पर विचार किया जा सके।
इसके साथ ही आमजन की सुविधा के लिए जारी क्यूआर कोड के माध्यम से भी ऑनलाइन सुझाव प्राप्त किए गए, जिससे अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

जनसुनवाई में जिला स्तरीय सुनवाई पैनल में जिला मजिस्ट्रेट डॉ. रविन्द्र गोस्वामी, उप विधि परामर्शी (विधि सेवा) रमेश चन्द्र पंवार, अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) ओम प्रभा, उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र राणावत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक ज्योति प्रकाश अरोड़ा, महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक भागीरथ चौधरी, राजनीतिक विज्ञान के प्राचार्य डॉ. महेन्द्र सिंह, इतिहास के आचार्य डॉ. आर.के. पुरोहित, राजनीतिक विज्ञान के आचार्य डॉ. लक्ष्मण पटेल, विधि के सहायक आचार्य कीर्ति पाल सिंह तथा तहसीलदार कल्पेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य राजस्थान सम्मान नागरिकता संहिता-2026 को व्यापक जनभागीदारी के आधार पर तैयार करना है, ताकि यह नागरिकों की अपेक्षाओं और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक प्रभावी एवं व्यवहारिक साबित हो सके। जनसुनवाई में प्राप्त सुझावों को अंतिम प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण आधार माना जाएगा।



