ओबीसी जातिगत जनगणना को लेकर रावणा राजपूत समाज हुआ सक्रिय, ‘रावणा’ नाम दर्ज कराने के लिए शुरू किया जागरूकता अभियान

पाली : आगामी ओबीसी जातिगत जनगणना को लेकर रावणा राजपूत समाज ने व्यापक जागरूकता अभियान की शुरुआत कर दी है। शनिवार को पाली की सूर्या कॉलोनी स्थित समाज भवन में आयोजित कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों ने ओबीसी जातिगत जनगणना जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया और समाज के प्रत्येक व्यक्ति से जनगणना के दौरान जाति के कॉलम में ‘रावणा’ नाम ही दर्ज करवाने की अपील की।
कार्यक्रम में समाज के प्रतिनिधियों ने इसे सामाजिक एकता और सही पहचान सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए एकजुट होकर जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया।
समाज के मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह परिहार ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह भाटी ने कहा कि जातिगत जनगणना समाज के लिए ऐतिहासिक अवसर है। यदि सभी समाजबंधु एक समान रूप से ‘रावणा’ नाम दर्ज कराएंगे तो समाज की स्पष्ट पहचान स्थापित होगी और भविष्य में विभिन्न स्तरों पर समाज का वास्तविक प्रतिनिधित्व मजबूत होगा।
प्रदेश महामंत्री मूल सिंह गहलोत ने कहा कि सही एवं एकरूप आंकड़े सामने आने से समाज की वास्तविक जनसंख्या का आकलन होगा, जिससे राजनीतिक प्रतिनिधित्व, सामाजिक योजनाओं और अन्य अधिकारों के संदर्भ में समाज को मजबूती मिलेगी।

वहीं समाज के संरक्षक मूल सिंह भाटी ने समाज के लोगों से अपील की कि जनगणना के दौरान घर-घर आने वाले प्रगणकों को सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि सर्वे पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हो सके।
जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि जागरूकता अभियान को केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसके तहत जिले की प्रत्येक तहसील और समाज की स्थानीय इकाइयों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां समाजबंधुओं को जनगणना प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ सही विवरण दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रदेश युवा उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, बलवंत सिंह खींची, धन सिंह सांखला, नरपत सिंह सोलंकी, विक्रम सिंह भैंसाना, पूनम सिंह, बाबू सिंह परिहार, लाल सिंह पंवार, रतन सिंह झाला, बाबू सिंह गहलोत, राजेश सिंह आउवा, शैतान सिंह राठौड़, कल्याण सिंह सोलंकी, तेज सिंह, राम सिंह चौहान, राजू सिंह चौहान, प्रताप सिंह, पूनम सिंह सोलंकी, रणछोड़ सिंह सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।
समाज के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस जनजागरण अभियान से अधिक से अधिक लोग सही जातीय पहचान दर्ज कराएंगे, जिससे समाज की वास्तविक स्थिति और जनसंख्या के आंकड़े सामने आ सकेंगे।



