बोमादड़ा के पशुपालकों को बड़ी सौगात, ग्रामीण सेवा शिविर में पशु चिकित्सा उप केंद्र के लिए पट्टा जारी

पाली : ग्रामीण सेवा शिविर अब केवल प्रमाण-पत्र और पट्टे वितरण तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास का भी माध्यम बन रहे हैं। शनिवार को पाली जिले की ग्राम पंचायत बोमादड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान पशुपालकों को बड़ी राहत मिली, जब राजकीय पशु चिकित्सा उप केंद्र के लिए भूमि का पट्टा जारी कर दिया गया। इसके साथ ही उप केंद्र के भवन निर्माण का रास्ता भी साफ हो गया है।
ग्राम पंचायत बोमादड़ा और आसपास के ग्रामीण लंबे समय से क्षेत्र में पशु चिकित्सा सुविधा की मांग कर रहे थे। अब तक पशुओं के इलाज के लिए ग्रामीणों को जिला मुख्यालय या दूरस्थ पशु चिकित्सालयों तक जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती थी।
राज्य के पशुपालन, डेयरी, गौपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत द्वारा ग्राम पंचायत बोमादड़ा में राजकीय पशु चिकित्सा उप केंद्र की स्वीकृति प्रदान किए जाने के बाद भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू की गई। निर्धारित क्षेत्रफल अधिक होने के कारण प्रस्ताव पंचायत समिति के माध्यम से जिला परिषद भेजा गया, जहां से स्वीकृति मिलने के बाद शनिवार को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में उप केंद्र के लिए भूमि का पट्टा जारी कर दिया गया।
पट्टा जारी होने के बाद अब पशु चिकित्सा उप केंद्र के भवन निर्माण की प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। भवन बनने के बाद बोमादड़ा सहित आसपास के कई गांवों के पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर ही उपचार, टीकाकरण और अन्य पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीणों का समय एवं खर्च दोनों बचेंगे।
ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत तथा जनप्रतिनिधि पुखराज पटेल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से वर्षों से लंबित जनहित के कार्य अब तेजी से पूरे हो रहे हैं, जिससे गांवों में विकास को नई गति मिल रही है।
जिला प्रशासन ने बताया कि ग्रामीण सेवा शिविरों का सिलसिला लगातार जारी है। 13 जुलाई को सांपा, भाकरीवाला, धुरासनी, सरदार समंद, पांचेटिया, चिरपटिया, माण्डीगढ़, पिलोवनी, लाटाडा, शिवतलाव, मुण्डारा और खिमाड़ा सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 14 और 15 जुलाई को भी जिले की विभिन्न पंचायतों में शिविर लगाकर आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाएगा।



